Thursday, 13 July 2017 0 comments

Islamic jihaad

Tuesday, 11 July 2017 0 comments

मुसलमान कुतियों, बकरियों, ऊँट और गधों का बलात्कार करने में व्यस्त हैं इसलिए पीछे हैं नरेंद्र मोदी जी....

मुसलमान कुतियों, बकरियों, ऊँट और गधों का बलात्कार करने में व्यस्त हैं इसलिए पीछे हैं नरेंद्र मोदी जी.... इनको कितनी भी सुब्सिडिटी या आरक्षण दे दो ये करेंगे बलात्कार और बम बिस्फोट ही ।
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भारत में कभी सति प्रथा थी ही नही।


भारत में कभी सति प्रथा थी ही नही।

भारत में सती प्रथा
भारत में कभी सति प्रथा थी ही नही, रामायण / महाभारत जैसे ग्रन्थ कौशल्या, कैकेई, सुमित्रा, मंदोदरी, तारा, सत्यवती, अम्बिका, अम्बालिका, कुंती, उत्तरा, आदि जैसी बिध्वाओं की गाथाओं से भरे हुए हैं। किसी भी प्राचीन ग्रन्थ में सति-प्रथा का कोई उल्लेख नहीं है. यह प्रथा भारत में इस्लामी आतंक के बाद शुरू हुई थी। ये बात अलग है कि- बाद में कुछ लालचियों ने अपने भाइयों कि सम्पत्ति को हथियाने के लिए अपनी भाभियों की ह्त्या इसको प्रथा बनाकर की थी।
इस्लामी अत्याचारियों द्वारा पुरुषों को मारने के बाद उनकी स्त्रीयों से दुराचार किया जाता था, इसीलिये स्वाभिमानी हिन्दू स्त्रीयों ने अपने पति के हत्यारों के हाथो इज्जत गंवाने के बजाय अपनी जान देना बेहतर समझा था। भारत में जो लोग इस्लाम का झंडा बुलंद किये घूमते हैं, वो ज्यादातर उन वेवश महिलाओं के ही वंशज हैं जिनके पति की ह्त्या कर महिला को जबरन हरम में डाल दिया गया था। इनको तो खुद अपने पूर्वजों पर हुए अत्याचार का प्रतिकार करना चाहिए।
सेकुलर बुद्धिजीवी "सतीप्रथा" को हिन्दू समाज की कुरीति बताते हैं जबकि यह प्राचीन प्रथा है ही नहीं. रामायण में केवल मेघनाथ की पत्नी सुलोचना का और महाभारत में पांडू की दुसरी पत्नी माद्री के आत्मदाह का प्रसंग है। इन दोनो को भी किसी ने किसी प्रथा के तहत बाध्य नहीं किया था बल्कि पति के वियोंग में आत्मदाह किया था।
चित्तौड़गढ़ के राजा राणा रतन सेन की रानी "महारानी पद्मावती" का जौहर विश्व में भारतीय नारी के स्वाभिमान की सबसे प्रसिद्ध घटना है। ऐय्याश और जालिम राजा "अलाउद्दीन खिलजी" ने रानी पद्मावती को पाने के लिए, चित्तौड़ पर चढ़ाई कर दी थी , राजपूतों ने उसका बहादुरी से सामना किया। हार हो जाने पर रानी पद्मावती एवं सभी स्त्रीयों ने , अत्याचारियों के हाथो इज्ज़त गंवाने के बजाय सामूहिक आत्मदाह कर लिया था. जौहर /सती को सर्वाधिक सम्मान इसी घटना के कारण दिया जाता है।
चित्तौड़गढ़, जो जौहर (सति) के लिए सर्वाधिक विख्यात है उसकी महारानी कर्णावती ने भी अपने पति राणा सांगा की म्रत्यु के समय (1528) में जौहर नहीं किया था, बल्कि राज्य को सम्हाला था। महारानी कर्णावती ने सात साल बाद 1535 में बहादुर शाह के हाथो चित्तौड़ की हार होने पर, उससे अपनी इज्ज़त बचाने की खातिर आत्मदाह किया था। औरंगजेब से जाटों की लड़ाई के समय तो जाट स्त्रियों ने युद्ध में जाने से पहले, अपने खुद अपने पति से कहा था कि उनकी गर्दन काटकर जाएँ।
गोंडवाना की रानी दुर्गावती ने भी अपने पति की म्रत्यु के बाद 15 बर्षों तक शासन किया था। दुर्गावती को अपने हरम में डालने की खातिर जालिम मुग़ल शासक "अकबर" ने गोंडवाना पर चढ़ाई कर दी थी। रानी दुर्गावती ने उसका बहादुरी से सामना किया और एक बार मुग़ल सेना को भागने पर मजबूर कर दिया था। दुसरी लड़ाई में जब दुर्गावती की हार हुई तो उसने भी अकबर के हाथ पकडे जाने के बजाय खुद अपने सीने में खंजर मारकर आत्महत्या कर ली थी।
"सती" का मतलब होता है, अपने पति को पूर्ण समर्पित पतिव्रता स्त्री। सती अनुसूइया, सती सीता, सती सावित्री, इत्यादि दुनिया की सबसे "सुविख्यात सती" हैं और इनमें से किसी ने भी आत्मदाह नही किया था। जिनके घर की औरते रोज ही इधर-उधर मुह मारती फिरती हों, उन्हें कभी समझ नहीं आ सकता कि - अपने पति के हत्यारों से अपनी इज्ज़त बचाने के लिए, कोई स्वाभिमानी महिला आत्मदाह क्यों कर लेती थी।
हमें गर्व है भारत की उन महान सती स्त्रियों पर, जो हर तरह से असहाय हो जाने के बाद, अपने पति के हत्यारों से, अपनी इज्ज़त बचाने की खातिर अपनी जान दे दिया करती थीं। जो स्त्रियाँ अपनी जान देने का साहस नहीं कर सकी उनको मुघलों के हरम में रहना पडा। मुग़ल राजाओं से बिधिवत निकाह करने वाली औरतों के बच्चो को शहजादा और हरम की स्त्रियों से पैदा हुए बच्चो को हरामी कहा जाता था और उन सभी को इस्लाम को ही मानना पड़ता था।
जिस "सती" के नाम पर स्त्री के आत्मबलिदान को "सती" होना कहा जाता है उन्होंने भी पति की म्रत्यु पर नहीं बल्कि अपने मायके में अपने पति के अपमान पर आत्मदाह किया था। शिव पत्नी "सती" द्वारा अपने पति का अपमान बर्दास्त नहीं करना और इसके लिए अपने पिता के यग्य को विध्वंस करने के लिए आत्मदाह करना , पति के प्रति "सती" के समर्पण की पराकाष्ठ माना गया था। इसीलिये पतिव्रता स्त्री को सती कहा जाता है, जीवित स्त्रियाँ भी सती कहलाई जाती रही है।
Sunday, 9 July 2017 0 comments

.....और फिर कहते हैं कि हमें आतंकी और देशद्रोही न कहो।

क्या आपको पता है कि 1999 में जब भारतीय सेना कारगिल में पाकिस्तान से लड़ रही थी,
तब कारगिल की पहाड़ियों पर चढ़ने के लिए भारतीय सेना ने जूता बनाने वाली
2 कम्पनियों
1. मिर्ज़ा टैनर्स (Brand Name- Red Tape)
2. सुपरहाउस टेनरी (Brand Name- Lee Cooper)
को भारतीय सैनिकों के लिए Special Mountaineering Shoes बनाने का आर्डर दिया गया था
परन्तु मुल्लों की इन जूता कम्पनियों ने भारतीय सेना को जूते सप्लाई करने
से मना कर दिया था,
उस समय कानपुर की ही एक कम्पनी MKU INDUSTRIES जिसके डायरेक्टर श्री नीरज
गुप्ता जी हैं, ने दिन रात काम कर एक महीने से भी कम समय में भारतीय सेना
के लिए 10000 जोड़ी SPECIAL MOUNTAINEERING SHOES सप्लाई किये।
इस विषम परिस्थिति में मुल्लों ने अपनी जात दिखा दी
और फिर कहते हैं कि हमें आतंकी और देशद्रोही न कहो।



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॥ॐ॥ जय श्री कृष्ण ॥ॐ॥
Saturday, 8 July 2017 0 comments

श्रीनगर की एक मस्जिद मे मुहम्मद का एक बाल रखा है तो क्या बाल की पूजा मूर्तिपूजा नहीं है?

श्रीनगर की एक मस्जिद मे मुहम्मद का एक बाल रखा है।और मुस्लिम पूजा करे तो बेहद हैरानी मालुम देती है।
वो कहता है हम मूर्तिभंजक हैँ।
मंदिरो को तोड़ेँगे,मूर्तियोँ को मिटाएंगे और वो पूजा करेँ बाल की।
तो फर्क कहां है?
मुहम्मद की मूर्ति न बनने देगा,चित्र न बनने देगा,यदि कहीँ मुहम्मद का चित्र छप जाए तो दंगे-फसाद कर डालेगा।
लेकिन पूजेगा बाल को।
तो क्या बाल की पूजा मूर्तिपूजा नही है?
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कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा ?"* vs *नेताजी सुभाष चन्द्र बोस* को क्यूँ और किसने मारा, *श्री लाल बहादुर शास्त्री* को किसने और क्यों मारा?


*मेरे देश के युवाओं !! ये भी पता करो*
युवाओं के मन मे एक प्रश्न का बना हुआ था *"कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा ?"*
अब इसका उत्तर मिल गया है और सिनेमा चला भी अच्छा है जो चलना ही चाहिऐ था।
अब इस देश के लिए ये जानना जरूरी है कि
*नेताजी सुभाष चन्द्र बोस* को क्यूँ और किसने मारा,
*श्री लाल बहादुर शास्त्री* को किसने और क्यों मारा?
*महात्मा गांधी* की हत्या के वह कारण क्या थे?
*इन दुर्भाग्यशाली घटनाओं से देश की पटरी ही बदल गयी।*
*युवाओं! ज़रा विचारो कि कहाँ कहाँ गलतियां हुई हैं..*
*काल्पनिक चरित्र कटप्पा से बाहर निकलो और वो पूछो जो तुमसे जुड़ा हुआ है.....*
*पता करो कि हम लगभग 1000 साल तक गुलाम क्यों रहे..*
*पता करो कि जो देश आर्थिक, सामाजिक, शैक्षिक, और वैज्ञानिक रूप से सशक्त था.. विश्व गुरु था ...वो सब ज्ञान कहाँ और कैसे खत्म हो गया..*
*पता करो कि सोने की चिड़िया के पंख कैसे कतर दिए गए...*
*पता करो कि हमारे बच्चों को आजादी के बाद भी क्या और क्यूँ पढ़ाया जाता है...*
*पता करो! पाकिस्तान का स्थायी रोग किसने भारत को दिया? तब हुआ क्या-क्या था?*
*पता करो..! कि कश्मीर को नासूर बनाने का बीज नेहरू ने क्यों और कैसे बोया..?*
*पता करो..! नेपाल के महाराजा के भारत में विलय के प्रस्ताव को 1952 में नेहरू ने क्यों ठुकरा दिया था?*
*पता करो..! कि 1953 में UNO में भारत को स्थायी सीट देने के ख़ुद अमेरिका के प्रस्ताव को नेहरू ने क्यों गुमा दिया था? और वह सदस्यता चीन को क्यों दिला दी??*
*पता करो कि 1954 में नेहरू ने तिब्बत को चीन का हिस्सा भारत की ओर से मान लिया था? बाद में 1962 में उसी रास्ते से चीन ने भारत पर हमला किया, हम हारे, बेइज़्ज़त हुए।*
*पता करो ..! तिब्बत हारने के बाद नेहरू ने क्यों कहा था कि वो तो बंजर जमीन है, कोई बात नही.. जाने दो*
*ज़रा मालूम करो कि चीन से भारत की हार का दोषी नेहरू को मन्त्रालय की संयुक्त समिति ने सिद्ध किया था? उसके बाद भी नेहरू को जरा भी लाज नहीं आई थी*
*यह भी जानो कि जब चीनी सेना अरुणाचल, असम, सिक्किम में घुस आयी थी, तब भी 'हिन्दी चीनी भाई भाई' का राग अलापते हुए भारतीय सेना को ऐक्शन लेने से नेहरू ने क्यों रोका था?*
*हे युवाओं! ख़ुद बाहुबली बनकर कारण जानो कि हमारा कैलास पर्वत और मानसरोवर तीर्थ चीन के हिस्से में नेहरू की ग़लती से चले गए?*
*हे मेरे देश के युवाओं ...!* *अपनी दिशा और दशा बदलो। यह समय मज़ाक़ों का नहीं है, वह करो जो करणीय है।*
*चिन्तन का विषय है-*
*जय हिंद.... वंदेमातरम....*
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इस्लाम में पादने पर फनी चुकुला....☺☺☺☺


*इस्लाम में पादने पर फनी चुकुला*
# पत्रकार :-- मौलाना साहब.... सुना है
# पाकिस्तान में किसी को # पादने पर मौत की सजा का फरमान सुनाया गया है ?
# मौलाना:--- हाँ सही फरमाया आपने,
# कुरान में पादने के बारे में कुछ जरूरी हिदायतें दी गई है। उनका उलंघन इस्लाम वा # अल्लाह की राह में नाफरमानी है।
पत्रकार :- मुल्ला जी...ये तो बडी निर्दयता है आपके अल्लाह की। इंसान स्वतंत्रता से पाद भी नहीं सकता ?
मौलाना:- वो क्या है न, कई बार लोग
# नमाज के वक्त जोरों से # पाद देते हैं , तो लोगों में # भगदड मच जाती है सोचते हैं # बम फट गया........
अब तो # मुसलमान ....मुसलमानों पे ही भरोसा नहीं करता....
हद तो तब हो गई जब कल रात को मैंने सोते वक्त पाद दिया...मेरी बीवी-बच्चे भागकर बाहर चले गए और चिखने चिल्लाने लगे... " या अल्लाह ! अब्बू ने खुद को उडा लिया..."
पत्रकार:--- इसका मतलब अब हर नमाजी को अपने अनल में साइलेंसर पाइप लगाकर नमाज पढ़ने जाना होगा....?
मौलाना:--- नहीं-नहीं ! ओर भी उपाय है। नमाजी 4-5 बार अच्छे से " हग " कर आएं....।
पत्रकार:--- यानि 1 बार नमाज पढने से पहले 5 बार हगना है। तो इस हिसाब से 5 बार की नमाज पढने के लिए 25 बार हगना पडेगा ?
मौलाना:- अमा मियां! आप तो हमाई बातों को मजाक में ले रहे हैं।
पत्रकार:- नहीं.. नहीं! मौलाना साहब अगर नमाज ऐसे ही पढ़ी जाएगी तो सड़क पर गाडियां तो चलेंगी ही नहीं।
मौलाना:- वो कैसे?
पत्रकार:- अबे # मौलाना के... वो दिन भर "हगता" ही रहेगा तो पंचर कौन बनाएगा ....
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