Wednesday, 6 December 2017 0 comments

इन खबरों पर कोई मुल्ला फतवा क्यों नहीं फाड़ता???

इन खबरों पर कोई मुल्ला फतवा क्यों नहीं फाड़ता???
Thursday, 16 November 2017 0 comments

तल्हा ने जन्नत से भेजा पत्र, अब्बू छोटे भाई को यहाँ मत भेजना, सुबह होता है बहुत दर्द....

तल्हा ने जन्नत से भेजा पत्र, अब्बू छोटे भाई को यहाँ मत भेजना, सुबह होता है बहुत दर्द....

*मसूद अज़हर के भतीजे तल्हा की एक चिट्ठी सीधी जन्नत से आयी है 😉* अब्बू और अम्मी को तल्हा का आदाब....

अब्बू....मैं जिस 72 हूरों की ख्वाहिश में कत्लेआम मचा कर ऊपर पहुँच गया वो 72 हूरें नहीं है वो हमारी चाचियाँ....आपी और फूफियाँ हैं ...* यहाँ उन पर असली वाले (अरबी) मुसलमानों का हक है....हम यहाँ भी मोहाजिर ही हैं...हमें सिर्फ़ शौचालय और कपड़े साफ करने का काम दिया गया है....

वो तो भला हो भारतीय सैनिकों का जिसने मुझे *अंग विशेष* में गोली मारी वर्ना मैं भी असली वालों के नीचे रौंदा जाता....भाई जान की तरह 😉 अब्बू.....आप जो चुतियापा काट रहे हैं ये कहकर की "मेरा बेटा इस्लाम के रास्ते पर शहीद हुआ है" ....ये अब बंद कीजिए....मेरे जैसा सूअर जब भारतीय सैनिकों के बीच घिर जाता है तो सलवार में पेशाब निकल आता है.....

अब्बू.......यहाँ आकर यह अहसास हो रहा है... कि भारत ही एकलौता देश है जहाँ हमें इज्जत मिलती है वरना बाकी देशों में जाकर देख लीजिए...* चीन रमजान में रोजा नहीं रखने देता... अमेरिका घुसते ही सबसे पहले नंगा करता है.... मियाँ-मार ने तो मियों की कई नस्ल ही खत्म कर दी, रोहंगिया मारे मारे फिर रहे हैं...जन्नत ऊपर नही नीचे है अब्बू...भारत में ...जहाँ एक मुसलमान (कलाम) को राष्ट्रपति बनाने के लिए एक सांप्रदायिक पार्टी (बीजेपी) जी जान लगा देती है....कलाम के मरने पर सौ करोड़ हिन्दु रोता है....

...और हाँ अब्बू....ये वामपंथी जो मेरे जैसों के मरने पर विधवा विलाप करते हैं ये सबसे बड़े चूतिये हैं...यही वामपंथी साले यहाँ पर हमारे जैसों को लपेट 😉 कर आजादी का स्वाद चखाते हैं...सुबह बहुत दर्द होता है अब्बू....... *छोटे भाई को मजहब के नाम पर ऊपर मत भेजिएगा...**वो अभी बहुत कमसिन है.....यहां अरबी मुसलमान उसके स्थान विशेष का शिलान्यास कर देंगे अब्बू....*आपका नामुराद तल्हा  😉😆
Thursday, 2 November 2017 0 comments

#LOVE_JIHAAD #LIVE @ 7pm


लव जिहाद लाइव:
 शाम 7 बजे घर से अपने बीमार बच्चे के लिए दवाई लेने मार्किट निकला था, अचानक आशीष तिवारी जी का फ़ोन आया, बोले भाईसाहब  2 लड़के पकड़े हैं एक लड़की का बलात्कार करते हुए रंगे हांथों, मैंने कहा पकड़ कर रखिये में आ रहा हूं, 
वहां पहुँच कर देखा तो आशीष भाई ने लड़को को बैठा रखा था, मैंने पूछा क्या नाम है बेटा ? तो एक ने अमित कुशवाह तो दूसरे ने राजू पाल नाम बताया, स्थानीय लोगों ने इनकी अच्छी फिटनेस बनाई थी और लड़की को जाने दिया था, पुलिस को बुलाया गया और इन दोनों लड़को को थाने ले जाया गया,
 अब कंप्लेंट कौन करेगा? तो हम वापस उस लड़की का घर ढूंढते हुए उसके घर पहुँचे, पहले तो माँ बाप ने साफ इनकार कर दिया कि उनकी बेटी के साथ कोई घटना नही हुई, लेकिन जब मैंने आशीष भाई ने और चौबे जी ने खूब समझाया की हम आपके साथ हैं तब वे माने और शिकायत दर्ज करवाने को राजी हुए, हम उन्हें ले कर थाने पहुचे, तब तक पुलिस वालों ने लड़को की जम कर धुनाई की,
हम FIR करवाने लगे तभी कुछ बॉडी बिल्डर टाइप मुसलमान लोग आए और एक बोला में तालिब खान का भाई हूँ दूसरा बोला में आसिफ बेग का भाई हूँ, भाईसाहब लड़को से गलती हो गयी उन्हें माफ कर दीजिए, हमने कहा नही भाई आपको गलत फ़हमी हुई है हमारा तालिब और आसिफ से कोई लेना देना नही है, तो वे बोले आप बलात्कार वाले केस में आये हो ना ? हम उन्ही लड़कों के भाई हैं, बुरी तरह पिट चुके और लॉकअप में बंद अमित और राजू के पास मैं गया औए पूछा तालिब कौन है? तो एक उच्चक के आया और बोला 'में हूँ', मैने पूछा आसिफ कौन है तो दूसरा बोला 'मैं हूँ',
 जो पब्लिक से पिट चुके थे पुलिस से भी पिट चुके थे और तब भी अपना असली नाम नही बता रहे थे उन्होंने अपने भाइयों को देखते ही अपने असली नाम बता दिए, दोनों ने ही इस लड़की का पीछा हिन्दू बनकर करते थे और आज मौका मिलते है बलात्कार करने उतारू हो गए, अब मुस्लिम भीड़ इकट्ठी होने लगी और पुलिस पर दबाव बनाने लगी, हम तक खबर पहुचाई गयी मामला दबा दो वर्ना अच्छा नही होगा, देख लेंगे एक एक को, घर नही पहुँच पाओगे वगैरह,
 मैंने हिन्दू जागरण मंच के प्रांतीय मंत्री श्री बसंत गोड्याले जी को फ़ोन लगा कर पूरी वस्तुस्थिति सुनाई, जल्दी ही उनकी टीम थाने पर हाज़िर थी, कुछ ही देर में वे खुद वा उपाध्यक्ष ऊदल सिंह परिहार जी, विभाग महामंत्री श्री प्रकाश सिंह तोमर जी, जिला मंत्री सचिन चंदेल जी, व अन्य साथी भी आ गए, हम सब अड़ गए कि मामला बलात्कार का है, जबकि पुलिस रिपोर्ट अपने हिसाब से लिखना चाहती थी, हम सब इस पर अड़ गए कि जो बेटी बोलेगी वो लिखना होगा, पुलिस द्वारा बदलाव करवाने के बाद अब पुलिस अटक गई कि धाराएं कौन सी लगाएं ? 
मैंने थाने में मौजूद किताब में से ही उन्हें धाराओं के पन्ने खोल-खोल कर पकड़ा दिए, पुलिस हैरान परेशान अब करें तो क्या करें पढ़े लिखे लोग से पल्ला पड़ गया, आखिरकार हार कर पुलिस ने मुकदमा कायम किया, भला हो आशीष भाई का और कॉलोनी वालो का कि उस लड़की की इज़्ज़त बचा ली, और हिन्दू जागरण मंच का, वरना बलात्कार का मामला छेड़छाड़ का मामला बता कर रफा-दफा कर दिया जाता,
विचारणीय बिंदु: 
1. अपनी बेटी नही उसकी सहेलियों और उनके दोस्तों पर भी नज़र रखिये ।  इस लकड़ी का पता एक दूसरी हिन्दू लड़की ने दिया जो आसिफ के लव जिहाद का शिकार हो चुकी है, आसिफ उसे ब्लैकमेल करने लगा और कहा मेरे दोस्त ताबिल के लिए भी कोई हिन्दू लड़की ढूढ़ कर दो नही तो तुम्हारी फोटो व वीडियो सब को दिखा दूँगा,
 उसने ताबिल का शिकार बनाने के लिए इस लड़की का पता द्दे दिया, यानी जो लड़की लव जिहाद में फंस चुकी है जिसके मुस्लिम लड़के या लड़का दोस्त हों उस लड़की से अपनी बेटी का मेल जोल तुरंत खत्म करवा दें, वर्ना आपकी बेटी कभी भी गैंग रेप का शिकार हो सकती है, 
2. जब इन मुस्लिम लड़को के भाई रिश्तेदार थाने में आये तो ,सब के सब हुष्ट-पुष्ट एक से बढ़कर एक बॉडी बिल्डर, दूसरी तरह हम सब जिनमे से एक भी बॉडी बिल्डर नही था, अगर लड़ाई होती तो हम सब पिटते, इसलिए सभी हिन्दू भाइयों से निवेदन हैं अपनी शारीरिक क्षमताओं को बढ़ाएं, व्यायाम और लठ्ठ चलाना सीखें, RSS शाखा में ये सब फ्री में सिखाया जाता है, वर्ना किसी दिन आप हमारी जैसी स्थिति में फंसे तो भगवान् ही आपका मालिक होगा, हमारी तो किस्मत अच्छी थी सो बच गए ।
3. अगर समय पर हिन्दू जागरण मंच के लोग नही पहुचते तो FIR तो दूर की बात है उल्टा हम सब की पिटाई और हो जाती, यानी RSS और हिन्दू संगठनों से जुड़ने का बहुत फायदा है, ये ज़रूरत के वक्त आपकी हर प्रकार से सहायता करते हैं ।
4. लड़को को बाकायदा फंडिंग की गई थी, लड़के आवारा है फिर भी उन्हें किसी दोस्त की मोटरसाइकिल मोहैया करवाई गई थी ताकि वे आराम से बाइक पर घूम फिर सके और हिन्दू लड़कियों को फसा सकें ।
5.   यदि आपके घर पर एक से अधिक बेटियां हैं तो आपका घर पर जिहादियों के निशाने पर है । सबसे ज़रूरी बात, आखिर इसी लड़की को शिकार क्यो बनाया गया, क्योंकि यह एक गरीब परिवार से आती है , पहली को येनकेन प्रकारेण अपने जाल में फंसा कर उसकी बाकी की 3 बहनों को फसाने का प्लान था, बलात्कार कर वीडियो बनाया जाता फिर ब्लैकमेल किया जाता और बाकी की बहनों को भी एक एक कर लव जिहाद का शिकार बनाया जाता,
 इस पूरी काली रात ने मेरी सोच को बदल कर रख दिया, मुझे अभी तक अपनी आंखों और अपने कानों पर विश्वास नही हो रहा, , ऐसा कैसे हो सकता है? ऐसे घिनोने कृत्य के लिए भला कोई समाज कैसे समर्थन दे सकता है? मेरी आँखें तो कल पूरी रात जागने के बाद खुल गयीं, और आपकी??
क्या इस सच्ची कहानी को अपनी वाल पर कॉपी पेस्ट कर के किसी बहन या बेटी की इज़्ज़त बचाएंगे आप? कृपया शेयर के बजाए कॉपी पेस्ट करने का कष्ट करें ।
Wednesday, 1 November 2017 0 comments

इस्लाम अपनाकर पहली बार मस्जिद गया रोहित, पर उसकी अकल ठिकाने आ गयी, भागना पड़ा

इस्लाम अपनाकर पहली बार मस्जिद गया रोहित, पर उसकी अकल ठिकाने आ गयी, भागना पड़ा

 — 31.10.2017 19:46 Dainik Bharat


महाराष्ट्र के दलित "रोहित लांडे" ने हिन्दू धर्म छोड़ कर इस्लाम अपना लिया और मस्जिद गया।

रोहित लांडे: मैंने इस्लाम कबूला है। मेरा मस्जिद में पहला दिन है।
मौलवी: बहुत अच्छी बात है। ए ओसामा, नए मुसलमान के इस्तकबाल के लिए चाय ले के आ।

((चाय पीते हुए))

मौलवी: ये बताओ क्या सोच कर इस्लाम कबूला?
रोहित लांडे: मैंने सुना है कि ब्राह्मण कई जातियों को मंदिर में नहीं घुसने देता। कान में पिघला हुआ शीशा भी डाल देता है। पर, इस्लाम मे ऐसा कुछ नहीं होता। इसीलये, इस्लाम कबूला।

मौलवी: अच्छा किया तुमने हिन्दू धर्म छोड़ कर। इस्लाम मे जातियाँ नहीं हैं। यहां कोई पंडित, ठाकुर, बनिया नहीं चलता।

मौलवी: अच्छा ये बताओ, इस्लाम का कौन सा फिरका चुना?
रोहित लांडे: देवबंदी

मौलवी: सुनो मियां, अपना चाय का कप नीचे रखो और यहां से तुरंत निकल लो!
रोहित लांडे: पर क्या हुआ मौलवी साहब, अभी आपने कहा कि मस्जिद में सबका इस्तकबाल है?

मौलवी: बाहर बोर्ड लगा है कि ये मस्जिद बरेलवी फिरके की है और देवबंदियों का यहां घुसना सख्त मना है। अगर यहां से नही जल्दी बाहर गए तो तुम्हारे हाथ पैर तोड़ दिए जाएंगे और चार कंधों पर घर जाओगे। 

रोहित लांडे: जी, जाता हूँ।
मौलवी: और हाँ, आगे से मस्जिद के आसपास दिखाई भी नहीं देना वरना दौड़ा-दौड़ा कर मारेंगे।

रोहित लांडे मन मे सोचता है "मुझे जातिवाद का असली मतलब आज समझ आया। मैं वापस चला अब मंदिर...जय श्री राम।"


और हां इस्लाम में जातिवाद क्या होता है, ये ऊपर वाले साइन बोर्ड को पढ़कर समझ लीजिये, किसी हिन्दू मंदिर के बाहर आपको ऐसे जातिसूचक साइन बोर्ड नहीं मिलेंगे, पर हज़ारों मस्जिदों के आगे मिलेंगे, ये नासिक महाराष्ट्र के बाहर के मस्जिद का है 
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शामली : जैन माँ बेटे को घेरकर बीच बाजार, 6-10 की मुस्लिम भीड़ द्वारा पिटाई

शामली : जैन माँ बेटे को घेरकर बीच बाजार, 6-10 की मुस्लिम भीड़ द्वारा पिटाई

 — 31.10.2017 20:29 Dainik Bharat



थाना क्षेत्र कांधला के पंजाब नेशनल बैंक चौराहे पर विशेष समुदाय के आधा दर्जन मुस्लिम युवकों ने जैन समाज की महिला व उसके दो बेटे के साथ दिनदहाड़े चौराहे पर जमकर मारपीट की। मारपीट व हंगामे की यह पूरी लाइव तस्वीरें वहां पर मौजूद एक युवक ने अपने मोबाइल के कैमरे में कैद कर ली

मामला उस वक्त का है जब जैन समाज के युवक सिद्धार्थ अपने भाई नमन के साथ अपनी मां को साथ लेकर किसी शादी में शामिल होने जा रहे थे। रास्ते में पंजाब नेशनल बैंक के पास चौराहे पर विशेष समुदाय के आधा दर्जन मुस्लिम युवकों ने उनकी गाड़ी के सामने बाइक खड़ी कर दी।

बताया गया कि जैन समाज के युवक ने जब उनसे हटाने की बात कही तो मुस्लिम समुदाय के युवक उनके साथ गाली गलौच करने लगे और गाड़ी से नीचे घसीटकर चौराहे पर ले जाकर जबरदस्त मारपीट शुरु कर दी, जिसमें जैन समाज की महिला के साथ भी मारपीट की गई करीब 15 मिनट तक मारपीट का सिलसिला जारी रहा। 
BREAKING: Jain mother-son brutally beaten by #Muslim mob on street.As usual @Uppolice turns mute spectator to jihadhttps://t.co/DZ7tu28NcLpic.twitter.com/XDAWXMtDkE
— ShankhNaad (@ShankhNaad) October 31, 2017


आरोप है कि मौके पर पहुंची पुलिस मूकदर्शक बनी रही। पीड़ित जैन समाज ने मुस्लिम समुदाय के युवकों से दहशत में आकर किसी भी प्रकार की कार्यवाही करने से इनकार किया। थाने में अभी तक कोई भी तहरीर नहीं दी गई। पुलिस ने हंगामा मारपीट कर रहे युवकों की वायरल वीडियो के आधार पर तलाश शुरू कर दी है। 
Thursday, 7 September 2017 0 comments

गहराई से सोचिए ..... ????!!!!

*गहराई से सोचिए*जिसने भी मुझे यह संदेश भेजा है,उसको धन्यवाद।कृपया आप भी आगे भेजें।
सैनिको पर पत्थर –           अहिंसक आंदोलन 
लव जिहाद पर कार्यवाही-  गुंडागर्दी
पत्थरबाज-                       भटके हुए नौजवान
भारत तेरे टुकडे –              अभिव्यक्ति आजादी
भंसाली को थप्पड़ –           हिन्दू आतंकवाद 
गौमांस भक्षण    –              भोजन का अधिकार 
ईद पर बकरा काटना –      धार्मिक स्वतंत्रता 
तीन तलाक हलाला   –      धार्मिक अंदरूनी मामला 
दीवाली पटाखे         –        पर्यावरण प्रदूषण 
न्यू इयर पटाखे         –       जश्न का माहौल
मटकी फोड में बच्चे –        असंवैधानिक
खतना मे बच्चे    –       धार्मिक अंदरूनी मामला 
प्लेटफार्म पर नमाज –        धार्मिक अधिकार 
सड़क पर पंडाल –             सड़क जाम का केस
मस्जिद लाउडस्पीकर   –   धार्मिक स्वतंत्रता 
मंदिर मे लाउडस्पीकर –     ध्वनि प्रदूषण 
करवाचौथ         –               ढकोसला 
वैलेंटाइनडे         –              प्यार का पर्व 
चार शादियां        –             धार्मिक स्वतंत्रता
हिन्दू दो शादी       –            केस दर्ज 
गणेश विसर्जन, होली  –     जल प्रदूषण 
ताजिया विसर्जन   –            संविधान अधिकार 
आजम,ओवैसी,केजरी-      राष्ट्र पुरुष
मोदी,योगी,स्वामी-             हिन्दू आतंकवादी
भगत सिंह सुखदेव राजगुरु- आतंकवादी
अफजल,कसाब,बुरहान-     शहीद
15 मिनिट पुलिस हटालो-     सहिष्णुता
भाजपा चुनाव जीती-             असहिष्णुता
कश्मीर,असम केरल दंगे-      देश शांत
अख़लाक़,गुजरात दंगे-      अवार्ड वापसी,असहिष्णु देश
शिव लिंग पर दूध चढ़ाना-      दूध की बर्बादी
बकरे काटना,चादर चढ़ाना-  धार्मिक मान्यता
भारत की सच्चाई

वाह मीडिया वाह

वाह कांग्रेसियों​ वाह

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वाह क्या इस्लाम है !

अधिकतर मुस्लिम खेती नहीं करते पर कृषि उत्पादों की दलाली करते।
गाय नहीं पालते पर गाय खाने को लार टपकाते हैं।
गंदगी के अम्बार लगाते पर सफाई कर्मचारी नहीं बनते।
चैरिटेबल चिकित्सालय नहीं खोलते पर सरकारी अस्पताल इन्ही की तीमारदारी में लगे रहते हैं।
फौज में भर्ती नहीं होते पर फौजियों पर गोलीबारी और पत्थर बरसाते हैं।
बातें इमान की करते पर अपराधियों में 98% यही मिलते हैं। 
राष्ट्र से सुविधा व सुरक्षा चाहते हैं पर राष्ट्र को मानते नहीं हैं।
बात बेबात पर फतवे जारी करते हैं पर कानून तोड़ने में पहले दर्जे की बदमाशी देते हैं।
भाई चारे की बात करते हैं लेकिन सभी आतंकवादी इसी समुदाय से मिलते हैं।
इस्लाम की तारीफ़ में बाते बड़ी बड़ी इस्लाम की और इस्लाम की अमन की करते है और कहते है इस्लाम अमन (शांति) का मजहब है ,और सारी दुनिया में इस्लाम दहशत और आतंकवाद फैलता आया है और फैला रहा है,,, शुरू से ही,
कुर्बानी हलाला तीन तलाक चार चार शादी 10-12 बच्चे जैसी जाहिली का शौक फरमाते हैं लेकिन बात कुराने पाक की करेंगे।
इस्लाम की अमन (पीस) शांति तो मानो ऐसी है कि कहीं से भी कभी भी किसी भी समय बम के या गोली के रूप में बरस जाती है,, और वह शांति अकारण ही निर्दोष लोगो की हत्या कर देती है,,, और यह सब इस्लाम के कट्टरवादी आतंकवादी केवल किसी दलाल के बहकावें में आकर उसके झांसे में जन्नत मिलने की बीमारी और उस जन्नत में 72 हूरे पाने के लिए या दिलाने के लिए करते है,,
वाह क्या इस्लाम है !
 
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